झाकलनां पोत सामे आ तडका विचारीऐ
काले कशुं य केवुं ऐ हमणां विचारीऐ
भयनो सवाल छे ने सवालो अनेक छे
पोताना नाम सामे जो हरणां विचारीऐ
थोडुं क बोलशो तोय दंगल मची जशे
बोलो ते सत्य क्यां छे अफवा विचारीऐ
आंदोलनो ऊठे के शमे फेर शुं पडे
छे कर्ण छे तो कर्णने बहेरा विचारीऐ
तकलादी तो हता ज ऐ तूटी गया तरत
वीणी वीणी विचारना टूकडा विचारीऐ
भरत भट्ट
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