Sunday, 26 March 2017

ગઝલ

गझल

शाहीमां तो शब्द अडवो थई गयो
अर्थनो  आकार  अघरो थई  गयो

बिंब अथडाता रह्यां छे चोतरफ
आ अरीसो साव करचो थई गयो

मारा नामे हुं थयो क्यां पूर्ण पण
तारा नामे अडधोपडधो थई गयो

वींटलाया   पंडितो  पोथी  विषे
भक्त घूम्यो तो भमरडो थई गयो

सत्य मूक्युं तो  तरत डूबी  गयुं
ऐम मूक्यो तर्क, तरतो थई गयो

            भरत भट्ट

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