Tuesday, 25 April 2017

ગઝલ

********सजल*******

गीत मेरी कल्पनाओं का मुखर अंदाज़ है।
गीत मेरी साधनाओं का सुरीला साज़ है।।

गीत मेरी सरजमीं है गीत मेरा आसमां।
गीत ही मेरे खयालों की हसीं परवाज है।।

गीत ही मेरी वफ़ा की मंजिलों का है सफर।
गीत ही मेरी मुहब्बत,प्यार का आगाज़ है।।

गीत मेरी जिदगी की गुनगुनी-सी धूप है।
गीत ही मेरे उजालों की मधुर आवाज़ है।।

गीत मेरी रूह के अहसास का परिचय"लता"।
गीत मेरी धड़कनों का एक मीठा राज़ है।।

                       मंजुलता जैन

No comments:

Post a Comment