*|| चा नो चाहक ||*
पगनी माथे पग दई, पीतो घा ए घा
चारणप्रेमी चा, भगरो वंशज भाणनो
होय रकाबी हाथमां, फुफु मारे फुंक
चा ने लगीर चाखता, भांगे भगरा भुख
भगरो आवे भानमां, जोवे कटींग ज्या
नास्तो बास्तो नय पचे, चाखे खाली चा
काठी बेठो कीटली, नायो धोयो ना
तेल भगीरथ टाळियु, चुमी पेली चा
भागीरथ स्वामी भजे, चुसी जातो चा
पुरी मगावे पा, धोम उनाळे धाधला
पुग्यो तु परभातमां, भलो भगीरथ भाय
धगधगती ई धारिसा, चुस्की लेतो चाय
-धार्मिकभा गढवी
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