ज़माने से वफा करने की हसरत हो रही है क्या ?
तुम्हें भी नींद में चलने की आदत हो रही है क्या ?
सुना है कल यहाँ कुछ लोग काफ़ी देर तक रोए !
तुम्हारे शहर को हँसने से फुरसत हो रही है क्या ?
बहोत दिन से ये बुलबुल बेवजह गुमसुम सी रहती है ;
इसे भी ज़िदगी से कुछ शिकायत हो रही है क्या ?
मेरा साया पड़ा रहता है बाहर धूप में अक्सर ;
उसे भी घर के अंदर कोई दिक्कत हो रही है क्या ?
तो क्या दिल को ज़रूरत से ज़ियादा एहमियत दे दी ?
बदन के बाकी हिस्सों में बग़ावत हो रही है क्या ?
- मिलिन्द गढवी
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