-: तेरे इंतजार मे :-
बीती सुनहरी यादोंके
कुछ लम्हें
चाँदी के वर्क़ में
लपेट कर
सुनहरी यादों के साथ
मोती से दमक़ते
मुहब्ब़त के अल्फ़ाजों के
मऩकों के साथ
पिरो कर
मैंने ना
अपने पल्लू के किनारे पर
गाँठ लगा कर रखे हैं
कहते हैं ना
कि जब कुछ गुम़ जाए
तो मिलने में
आसानी होती है
तो मेरे पल्लू की गाँठ में
बँधी मेरी उम्मीद़ के
असर से
सुनो
अब तुम भी
मुझे मिल जाओ ना ...
हेमशीला माहेश्वरी "शील"
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