दिल चीज क्या है, आप मेरी जान लीजिए
बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए
इस अंजुमन में आपको आना है बार बार
दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए
माना के दोस्तों को नहीं, दोस्ती का पास
लेकिन ये क्या के गैर का एहसान लीजिए
कहिये तो आसमां को जमीन पर उतार लाए
मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए
🌷शहरयार
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