कोई सुता वेत जागे
भूखथी भरपेट जागे
श्वास साथे जाव ऊंडे
भव्य वेशे भेख जागे
तुं तपासी ले गझलने
तारो त्यां उल्लेख जागे
ऐ तने जोया करे छे
तुंय जो संकेत जागे
एक सूकी डालखीमां
टहूकाओ प्रत्येक जागे
शीशी खोली सुई जाओ
बाद ऐनी म्हेक जागे
---धर्मेश उनागर
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