Wednesday, 15 April 2020

ગઝલ

आंबेडकर  !

दीन -दलितों के  उद्धारक  थे   आंबेडकर !
नई   चेतना   के   चालक  थे   आंबेडकर !

उत्तम   परवरिश   पाई -आई  - बाबा से,
सबको  अचंभित   किया अपनी आभा से.

नन्ही  वय  से ही ,विचारक  थे आंबेडकर !
नई    चेतना  के   चालक    थे  आंबेडकर !

संघर्ष   किया    समाज  के   ठेकेदारों  से,
चलित  नहीं   हुए  वे , अपने   विचारों से। 

परिशीलन -पथ्य  के पालक थे आंबेडकर !
नई   चेतना    के   चालक    थे  आंबेडकर !

भारत   को  उन्हों ने नया संविधान दिया,
अपने आप के लिए,कभी कुछ नहीं लिया।

भेदभाव-छुआछूत के संहारक थे आंबेडकर !
नई   चेतना  के    चालक    थे   आंबेडकर !
                           ***
-कृष्णकांत  भाटिया 'कान्त''

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