वाय छे आ हवा धीमे धीमे
ऐम बदली धारणा धीमे धीमे
जीर्ण छे दर्द ने पुरानुं छे
असर करशे दवा धीमे धीमे
कोईऐ कानमां किधुं हमणां
खूलशे सहु दिशा धीमे धीमे
तुं टकोरा न कर सतत भईला
खूलशे बारणां धीमे धीमे
ऐक जणना जवानी घटनाथी
आखुं जग खालसा धीमे धीमे
रोशनी क्यां हती सफर साथे
जातथी आथड्या धीमे धीमे
साव साचो परिचय थयो अंते
ओसर्या अणगमा धीमे धीमे
भरत भट्ट
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