Tuesday, 21 March 2017

ગઝલ

मरहुम चिनु मोदीजीकोआखरी सलाम
👏👏👏👏👏👏👏👏👏

साथी हमारा छोडके आधी सफर गया,
छोडी हमारे  साथ  की नैया  गुजर गया।

मनमें उसीकी चाहका जज्बा सदा रहा,
दिलमें बढाके प्यारका अरमां मुकर गया।

रोती  हमारी आंख में उसकी चुभन रही,
बजता हयाते  साजका नग्मा ठहर गया ।

राहे  अदब में  शोखका चश्मा भरा रहा,
सबकी बढाके प्यासको तीश्ना मगर गया।

उसके करम से बज्मकी जलती शम्अ रही,
आंखे चुराके आजका सपना बिखर गया।

मिलना  उसीका शादमां करता रहा हमें,
आखीर फलक से टूटके अंजुम गुहर गया ।

सबसे  सदाही  प्यारकी  बरती  इनायते,
डंका बजाके नामका मासूम बशर गया।

                मासूम मोडासवी ।

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