Tuesday, 30 May 2017

ગઝલ

क्या हाल है हमारा जरा देख लीजिए,
कितना हुआ खसारा जरा देख लीजिए ।

तुम  दुर  दुर  हमसे बसते चले गये,
कैसे वो पल गुजारा जरा देख लीजिए ।

कितनी हसींन बज्मे तलब है जमी हुइ,
रंगीन कुछ नजारा  जरा देख लीजिए ।

आंखों मे छा गया है तेरा नुर महेजबीं,
इमान सबने हारा जरा देख लीजिए ।

तुमने चलाई  आज की फैशन नइ नइ,
शलवार ओर घरारा जरा देख लीजिए ।

रुख पर नकाब डालें गुमो फीरो हो लेकिन,
हर तरफ है इशारा जरा देख लीजिए ।

मासूम नजर नजर से जादू सा कर गये ,
दिल ये नजर का मारा जरा देख लीजिए ।

                मासूम मोडासवी

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