Friday, 14 July 2017

ગીત

~~~गीत ~~

लब खोलते नहीं हैं आँखों से बोलते हैं हम
हमें इश्क़ है तुमसे इज़हार है सनम...

क्या हाल है मेरा ना मान पाओगे तुम
फिर हाल-ए-दिल जाना कैसे जान पाओगे तुम
हमराह मेरे अनजान बनके अब करना ना सितम
हमें इश्क़ है तुमसे इज़हार है सनम...

ये वक़्त अब तन्हा करना बसर है मुश्किल
हर पल तुझे ही सोचे ,पागल न माने ये दिल
होता नहीं है अब इंतज़ार, करना ज़रा रहम
हमें इश्क़ है तुमसे इज़हार है सनम...

~ शबनम

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