दिल दुखा कर आजमा कर या रुला कर छोडना
हमने सीखा ही नहीं अपना बना कर छोडना
ताके दुनिया यह न समझे हम में दूरी हो गयी
साथ जब भी छोडना तो मुस्कुरा कर छोडना
है तरीके और भी मुझसे बिछड़ने के लिए
क्या ज़रूरी है कोई तोहमत लगा कर छोडना
होश बाकी रह गए तो जी नहीं पाऊँगा मै
कुछ न याद आये मुझे इतनी पिला कर छोडना
तेल के बदले हमें चाहे लहू देना पड़े
अपनी फितरत है चिरागों को जला कर छोडना
कुफ्र है अहसास-ए-मायूसी थकन है बुजदिली
आंसुओं की डोर को मंजिल पे जा कर छोडना
जौहर कानपुरी
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