दिया जलाएँ !
चलो सब मिलकर दिया जलाएँ !
मोदीजी को संघ शक्ति दिखाएँ !
एकता किसीको भी, हरा,शकती है,
एक नया इतिहास रचा शकती है।
अंधकार से ,खुद को लड़ना सिखलाएँ ,
मोदीजी को संघ शक्ति दिखाएँ।
अलग-अलग -परिवेश - अलग भाषा ,
भारतवासीओं से बस एक ही आशा.
गिले शिकवे भूलकर, दैत्य भगाएँ ,
मोदीजी को संघ शक्ति दिखाएँ।
अपने पैरों पर हमारा देश खड़ा है,
हरएक धर्म से हिंदुस्तान बड़ा है।
प्रधानमंत्री को आज भरोशा दिलाएँ ,
मोदीजी को संघ शक्ति दिखाएँ।
***
-कृष्णकांत भाटिया 'कान्त '
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