साव अधवच्चेथी चीरे छे मने
मारो पडछायो ज पीडे छे मने
बेसवा जाउं ने बटकी जाउं छुं
तर्क केवी डाल चींधे छे मने
हुं शीखातो जाउं छुं अनपढ वडे
कोई अनपढ जेम शीखे छे मने
सोय भोंकाती रही मारी भीतर
वस्त्र माफक कोई सीवे छे मने
हुं तो केवल वृक्ष छुं संयोगवश
लागणीना फूल खीले छे मने
भरत भट्ट
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