Gujarati Abhinav Shahitya Sabha - By ♡ Dr. Bhavesh Jetpariya and Dhanesh Makvana
छे अनोखी मानवी रुपे कबर जीवता ज्यां फक्त मडदा नीकळे प्रेमनी आ खीण छे उंडी घणी मौन भेदी प्रेम पडघा नीकळे जिंदगीमां तो हसाव्यो ना कदी बेसणामां ते ज रडवा नीकळे
-गौतम परमार"सर्जक" --(मोरबी जिल्ला साहित्य वर्तुल)--
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