खालीपो में ऐम गझलोथी भर्यो
ऐक दरियो खाली शब्दोथी भर्यो
ऐक रीते आयनो अकबंध रह्यो
बीजी रीते आखो करचोथी भर्यो
हुं छतां ऐ साव खालीखम रह्यो
में मने पण मात्र वरसोथी भर्यो
आंसुथी पींछी झबोली छे अने
केटला रंगीन स्वप्नोथी भर्यो
तें मने नखशिख वांचीने कह्युं
जुदा जुदा अर्थघटनोथी भर्यो
भरत.भट्ट
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