Tuesday, 8 November 2016

ગીત

रुकना नही
जुकना नही
तूंफानोसे
डरना नही।
औरत है तुं
तो क्या हुआ
इस झमाने से
डरना नही।
अडग है तुं
नीडर है तुं
अब वक्त से
आगे नीकळ।
ऊठ दौड तुं
ऊडान ले
हौसलोकेो
अंजाम दे।
अपनी ज़मी
है आसमा भी
अब मनमै बस
तुं ठान ळे।
जो चाहीये
उसे पाने को
डट कर कदम
रख राह पर।
आगे नीकल
परवा न कर
संग साथी
हो न हो।
तुंजमे है दम
साबीत कर
तुजमे है दम
साबीत कर।
डॉ. अयना त्रिवेदी
अयु

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