ऐसे दबे पाॅव से सरकती
जा रही जिंदगी
दर्द के बादल छटने का
नाम नही लेते
तकदीर में नाराज जाने
कया लिखा है ?
सुलझने के इंतजाम में और
उलझती जिंदगी
दौराहे हर मोडपर
रेत सी हाथसे
फिसलती जिंदगी
थामने की करु कोशिश
मगर मुठठी से इस तरह
सरकती जिंदगी
दिपांजली 24/12/2016
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