इक आगसी सीने में लगाइ है बुजादे,
इन शोलोंकोतुही बुजा करके दीखादे
तेरे सीवा कीसकी तरफ हाथ बढाये
कुछतुही करमकरदे मेरी प्यास बुजादे
कीस्मतकी लकिरोंने मिलाया हमे यारा
मोसम है बहारों का हसीं दौर बनादे
महेके हुवे हालात मयस्सर हैं खुशीके
तु दिलमें हमारे तेरी चाहत को बसादे
जीने नहीं देती हमें अब याद तुम्हारी
बेचैनी सी कम करदे मेरी शाम सजादे
मासूम मोडासवी
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