सौ मुसीबत थी हूँ टेवाई गयो।
श्हेर माँ तेथी ज सचवाई गयो।
अर्थ जाण्यो बस अगरबत्ती नो मैं।
ऐ पछी चोमेर फेलाई गयो।
बाळको माता पिता पत्नी ने घर।
केटला भागे हूँ व्हेंचाई गयो।
ज्यार थी एने मळ्यो छुं दोसतो
त्यार थी खुदने हूँ समजाई गयो।
ज़िंदगी भर ए सतावानो मने
भूल थी जे शब्द बोलाई गयो।
रोज शोधु छुं हूँ ऐने काच माँ
एक माणस क्यां छे खोवाई गयो?
ज़िंदगी छे पिंजरु सोना तणु
जीवडो के जेमा ललचाई गयो
देश माटे जे थयो कुर्बान छे
एय माणस आज विसराई गयो
शोधवा सुख ने गयो तो श्हेर माँ
गामडा नो जीव खोवाई गुओ
बाप नु साचु निधन आजे थयु।
भाग लेवा कोर्ट माँ भाई गयो।
आ समय छे एनु हो अभिमान शु?
भलभला माणस ने ए खाई गयो।
दुःख तणो उपकार ऐ महबूब छे।
मित्रनो व्हेवार परखाई गयो।
महेबूब सोनालिया
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