Thursday, 26 January 2017

ગઝલ

दिल किया तुमसे दो बात करले
परेशाँ है हम,तुम्हें भी साथ करले !!

ख़ामोशी से कुछ हल न निकलेगा !
बैठों पास हमारें कुछ सवालात करले !!

कुछ नई तमन्ना,कुछ नई आरजू !
ले आने वास्ते बहारों से बात करले !!

दर्दे जुदाई अब सही नहीं जाती हमसे !
काटने वक्त चलो एक मुलाक़ात करले !!

वो तुम्हारा इत्फ़ाकन मिलना बिछुडना !
दोहराये फिरसे वो शै-मात करले !!

खयालों की दुनिया सजायेंगे हम भी !
बस रहमो-करम तुम करना वो बात करले !!

यूँ तो तुम हो ही हमारे जाने-बहाराँ !
वीरां न हो जिंदगी गुलिश्तां के हालात करले !!

तुम्हें देखके गुजारेगी "शील" उम्र सारी !
चलो आजसे अश्कों की बरसात करले!!

,,,,,,हेमशिला माहेश्वरी ,,,,"शील",,,,,,,,

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