आगे बढा के हाथ को पीछे हटा गये
सबसे मिलाइ नजरें हमसे चुरा गये
नाफीज हुवे बज्म में अपने वजुदसे
जादु जगाने वाले जो नग्मे सुना गये
युं दरम्यां हमारा उनका फासला रहा
मौका थावस्ल कातो खुदको बचागये
सूरत से लग रहेथे ताबिंदा कीरन से
दीदे निगाहें शौक का अरमां बढ़ा गये
मासूम बज्मेशौक में हलचल सी मचाइ
महेफील मे ऐसा लयका जादुजगा गये
मासूम मोडासवी
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