हमसे हुइ हो ऐसी तो कोइ खता नहीं,
अपना नजर में उसकी मरतबा नहीं
हमने तो हर कदम पे संभालाउसे मगर
उसका सुलुक हमसे याराना रहा नहीं
ऐसा वजुद ने खींचा उनकी तरफ हमें
पर नाता हमारीचाहका आगे बढ़ा नहीं
हमने सदाखुलुस ही दिलसे जताया पर
जज्बा मेरे खुलुस काउनको जचा नहीं
महेफील में कीया हमसे गैर सा सुलुक
लबपे हमारे फीरभी इसका गीला नहीं
हमसे तो अजनबी सारहाउनका वास्ता
सायाभीअपनाउनकी नजरमें बसानहीं
मासूम गलेसे उनको लगाने की चाहथी
उसने मिलनका ऐकभी मौकादीयानहीं
मासूम मोडासवी
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