खुशीयों से भर गइ है मेरी जिंदगी ये देख,
म्हेकी है मेरी सांसो में इक ताजगी सी देख।
चमका दीया है गोशा गोशा तेरी इनायतों ने,
फैलाइ हककी हर तरफ ही रोशनी ये देख।
तुने जगाया दिलमें महोबत का वलवला,
भाइ है मेरे मनको तेरी सादगी ये देख।
मिलना हमारा होगा यहां ऐक दिन जरुर,
रंग लायेगी हमारी खुश नसीबी ये देख।
मुदत से थी तलाश मेरी खत्म तुनी की,
सर चढके बोलने लगी है आशीकी ये देख।
हम वकत के सीतम को बहोत जेलते रहे,
होगी कभी तो खतम मेरी तिश्नगी ये देख।
मासूम उसीकी चाहने बख्शी हैं रोनके ,
हमको लुभा रही है तेरी दिलकशी ये देख।
मासूम मोडासवी
No comments:
Post a Comment