Monday, 17 July 2017

ગઝલ

तेरी यादों ने फिर से फरमान किया है
मुज़ मै है तु अब भी ये अहसान किया है...!!

अब भी कई बातें मेरी अनकही रह गई,
फिर से तेरे वादों ने हमे परेशान किया है...!!

कभी तेरी हम ग़ज़ल हुवा करते थे सनम
अजनबी बनके तुमने आज हैरान किया है...!!

तेरी बेफवाई ने बहोत जख्मो दिए मुज़े
दिलभर फिर भी दिलने तेरा मान किया है...!!

जिंदगी से यूँ रूठकर नही जाते कभी ,
मौत को आगोश मै लेगें ये अरमान किया है....!!

यश्वी

No comments:

Post a Comment