वखत ने वरतशो पामशो नामना,
बगाडी बाजीयुं करो सवळी,
उंबरे अहर नी धाड उभी हवे,
समय छे करो जट आंख अवळी,
कठण कळीयुग मां बतावो जगत ने,
क्षत्री वट नथी गई समय साथे,
बाहु नुं बळ हवे बतावो बंकडा,
करो हाकल धरी खाग हाथे.
विकट रणधार छे पड्या पडकार छे,
अगर सरकार थी हशे आशो,
दटाशो काळना गर्त मां तमें पण,
साथ मां सनातन लईने जाशो,
टोडला जालीने बेसशो आंगणे,
वीरत्व रही जशे गुण गाथे,
बाहु नु बळ हवे बतावो बंकडा,
करो हाकल धरी खाग हाथे.
- चमन गज्जर
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