व्हम हूँ और कभी यक़ी हूँ मैं
बस अभी हूँ अभी नहीं हूँ मैं
आजिज़ी देख मेरे रुतबे की
आसमां हो के भी ज़मीं हूँ मैं
मुझको मुझ में तलाशने वाले
तेरे अंदर कहीं मकीं हूँ मैं
मैं हूँ खूराक़ घुप अंधेरे की
रोशनी के लिए नहीं हूँ मैं
हुस्न के दर पे झुक नहीं सकता
इश्क़ ए मग़रूर की जबीं हूँ मैं
Mehshar Afridi
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