Tuesday, 12 June 2018

છંદ

*||छंद : सवैया||*

गोकुल ग्राम धरे अवतारन धारण नाम करंत मुरारी,
राम बनी घनश्याम बनी सब पीड़ हरी हर जात उगारी,
माखनचोर कहै सब ग्वालन छेडत पनघट पै पनिहारी,
शीश नमा कर जोड़त वंदन नंदन नागर कुंज बिहारी||

*- भाविन देसाई 'अकल्पित'*

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