तुमआ रही हो सामने खुदको संवार के
जीने लगे हैं हम तेरे सदके उतार के
तुम पर भी ये हसींन से लम्हें बने रहैं
करता रहा हुं में ये दुआ दस्ते पसार के
तुमभीरहोसदायुंही खुशीयों से तरबतर
लेते रहो मजा सदा फसले बहार के।
आये तुम्हारे सरपे कभी गमका बारभी
तुमपे करम करेखुदा सब गम उतार के
चाहत से भरी जिंदगी मासूमनसीब हो
लम्हात मयस्सर होंसभी चैनो करार के
मासूम मोडासवी।
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