कांकरी फूलपांखडी थई गई
धूल शेरीनी रेशमी थई गई
नवमा धोरणनी पल्लवी पंड्या
घंट वाग्यो अने परी थई गई
अर्थने आंबवा मथी भाषा
दाणादाण ऐनी रेवडी थई गई
छोकरी आम तो शरमाल हती
पण भणीने चिबावली थई गई
आ उमंगो हरखपदूडा थया
लागणी साव वेवली थई गई
में लखी 'ती फक्त रजाचिठ्ठी
तें ऐ वांची तो शायरी थई गई
कोरा कागलने जोगणी वलगी
ने गझल बाधाआखडी थई गई
. - अदम टंकारवी
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