आँखों में ससा लिया है तुमको
ख्वाबो में समा लिया है तुमको
जनाजे में तुजे देखकर मेने अब
अश्को में समा लिया है तुमको
मेरे मौला ये केसी रेहम है तेरी
दिलो में समा लिया है तुमको
बिखरे ख्वाब भी अब टूट गए
आयनों में समा लिया है तुमको
लाचारी नही ये अब आदत हो गई
बहानो में समा लिया है तुमको
मौत की परवाह मत कर ऐ "रहीश"
ग़ज़लो में समा लिया है तुमको
रहीश - दीपक सोलंकी
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