मैली चादर , मैला जीवन ,
मैली मेंरी सॉंस कबीऱा |
जप,तप, तीरथ कांहे करना ,
भीतर तेरा वास कबीरा |
धन, दौलत ये माया ममता,
लगता क्यों सब खास कबीरा ?
पीकेे अमिरस प्याला तेरा,
मिटे मनकी प्यास कबीऱा |
ढाई अक्षर पढलो साँचा ,
होजा तूं भी दास कबीरा |
! विस्मय ! शैलेश चौहान
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