तबस्सुम तुम्हारा बड़ा दिलनशीं है,
उलफतमें तेरी मगर कुछ कमी है।
निगाहों को भाती बहोत सुरते हैं ,
मगरतुमसे मीलतीतो कोइ नहीं है।
बहोत दुर रहेकेभीतुमपास लगती,
मेरी हर खुशी जैसे तुमसे जुडी है
तुम्हें मानके अपना वफामे निभाउं
मेरी जिंदगी मेंअबयुं तुही बसी है।
तेरे वास्ते में सारे जहां को भुलाउं
तेरे करमकीअबतो हसरतबडी है।
मेरा आज मासूम वोही आशना है
जीसके लीये अपनी हस्ती लड़ी है
मासूम
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