Tuesday, 10 January 2017

ગઝલ

।हिन्दी ग़ज़ल।

गागा गागा गागा गागा

जनता को बहलाया जाए।
फिर से ख्वाब दिखाया जाए।।

दौर चुनावी आया है तो।
लोलीपोप थमाया जाए।।

अपनी रोटी पकजाए। फिर-
घर समशान बनाया जाए।।

गाना चाहे जैसा भी हो।
गाना है तो गाया जाए।।

अपने घर में चोर बसे है।
किसको राज बताया जाए।।

हमको आज शरारत सुजी!
दिल का हाल सुनाया जाए।।
-शिवम वावेची

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