Sunday, 9 April 2017

ગીત

इश्ककी फलश्रुतिमें जीनेका आयाम मिला।
जिसके दिलमें प्रेम नहीं,वो जिन्दा लास मिला।।

प्यारभरा दिलसे नहीं चलती प्रेमनया।
समंदर जैसा दिलवाला इन्सान मिला।।
इश्ककी फलश्रुतिमें जीनेका आयाम मिला।
जिसके दिलमें प्रेम नहीं,वो जिन्दा लास मिला।।

चाहतकी मूरत प्रेमभरी सूरतमिली।
गज़ल लिखने अंबरसे रोसनी मिली।।
इश्ककी फलश्रुतिमें जीनेका आयाम मिला।
जिसके दिलमें प्रेम नहीं,वो जिन्दा लास मिला।।

तुलसीपत्र से  प्रभावना अच्छी लगती है।
मीठे  मधुर नैनोवाली लड़की मिली।।
इश्ककी फलश्रुतिमें जीनेका आयाम मिला।
जिसके दिलमें प्रेम नहीं,वो जिन्दा लास मिला।।

सरस्वति शारदाकी रत्नकणिका है।
"अज़ीज़"दिलवालाको यही राह मिले।।
इश्ककी फलश्रुतिमें जीनेका आयाम मिला।
जिसके दिलमें प्रेम नहीं,वो जिन्दा लास मिला।।

भाटी एन "अज़ीज़"

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