हम आज उनके सीधे निशाने में आ गये,
चर्चे हमारे देखो सारे फसाने में आ गये।
जीनकी मिलन की हमको रही आरजु बडी,
करके हमीसे वाअदे बहाने में आ गये।
उनसे बनाके नाता जो ये दिन देखना पडा,
वोही हमारे दिलको दुखाने में आ गये।
पहेली नजर में जो हमें बेबाक से लगे ,
पर वो पड़ी असर मे लजाने में आ गये।
यादों में रात भरका मेरा जागना रहा,
चाहत की आग भरके जलाने में आ गये।
उनकी खुशी को हमने बचाया बहोत मगर,
हमसे वो अपना राज छुपाने में आ गये ।
मासूम नजर नजर से बचाने के वास्ते ,
दर परदा हमसे आंख चुराने में आ गये ।
मासूम मोडासवी
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