दिल में भरी हुई हैं कितनी महोबतें,
हमने हमेशा आपकी चाही मसर्रते।
नग्मे खनक रहे हैं इतने उमीद के,
उनको लगी हैं आजभी ये सब शरारतें।
महेफील में हर निगाह जो उनपे लगी रही,
देती रही हर इक पल हमको अजीयतें ।
यादें तुम्हारे नामकी लब पर मेरे रहीं,
अबतक मीली नहीं हमें तेरी सोहबतें ।
मझहब ने दीया अमन का हमें कल्बी वलवला,
कबतक निभाते जायेंगे हम सब अदावतें ।
मासूम जिंदगी का सफर तनहा चला कीया,
अबतो तुम्हारे प्यार की करदो इनायतें।
मासूम मोडासवी
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