*_◆<<<Gazel>>>◆_*
_ख़ाक से बढ़कर कोई दौलत नहीं होती...!!!_
*_छोटी मोटी बात पे हिज़रत नहीं होती...!!!_*
_पहले दीप जलें तो चर्चे होते थे...!!!_
*_और अब शहर जलें तो हैरत नहीं होती...!!!_*
_तारीखों की पेशानी पर मोहर लगा...!!!_
*_ज़िंदा रहना कोई करामत नहीं होती...!!!_*
_सोच रहा हूँ आखिर कब तक जीना है...!!!_
*_मर जाता तो इतनी फुर्सत नहीं होती...!!!_*
_रोटी की गोलाई नापा करता है...!!!_
*_इसीलिए तो घर में बरकत नहीं होती...!!!_*
_हमने ही कुछ लिखना पढना छोड़ दिया...!!!_
*_वरना ग़ज़ल की इतनी किल्लत नहीं होती...!!!_*
_मिसवाकों से चाँद का चेहरा छूता है...!!!_
*_बेटा ......इतनी सस्ती जन्नत नहीं होती...!!!_*
_बाजारों में ढूंढ रहा हूँ वो चीज़े...!!!_
*_जिन चीजों की कोई कीमत नहीं होती...!!!_*
_कोई क्या राय दे हमारे बारे में 'राहत'...!!!_
*_ऐसों वैसों की तो हिम्मत नहीं होती...!!!_*
📝🔹शायर🔸राहत इंदौरी 🔹🔸
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