Thursday, 1 December 2016

ગઝલ

होडीओ हंकारवा पासे नथी
कैं उपायो खारवा पासे नथी

कोई केफियत हवा  पासे  नथी
खुद परिचय आपवा पासे नथी

हुं कदीये रातभर जागु नही
ने कदीये ऊंघवा पासे नथी

कई रीते स्वागत करुं हुं आपनुं
कांईपण  सत्कारवा  पासे  नथी

जीतवानी पासे हुं पहोंच्यो नथी
के  हवे  हुं  हारवा  पासे  नथी

आ गझल तो आपना लीधे ज छे
अन्य  कैं  उच्चारवा  पासे  नथी

           भरत भट्ट

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